NAMURAD
Wednesday, March 9, 2011
अरे बावले
असार है संसार,
जीवन का भार.
भाग्य की मार,
पैसा न प्यार.
दुत्कार सत्कार,
हो इनके पार.
शून्य मत निहार,
आँखें कर चार.
हिम्मत न हार,
अरे बावले यार.
नामुराद
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